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एक छोटे से शहर के अखबार जैसा हूँ
हिन्दी में लिखता हूँ इसलिये कम बिकता हूँ
  
मौत तो नाम से ही बदनाम है
वरना
तकलीफ तो जिन्दगी ही देती है.